आज कुछ नया गिनते हैं

दुख गिनने बैठो तो खत्म ही नहीं होते
शिकायतें भी अनगिनत हैं
चलो आज कुछ और गिनते हैं
दोस्ती के डब्बे में दोस्त गिनते हैं
अपने सर पर रखी दुआएं गिनते हैं
जिंदगी की गुल्लक में हंसी गिनते हैं
पेड़, तारे, बादल, तितलियाँ गिनते हैं
चलो आज कुछ नया गिनते हैं!


Life is a beautiful blessing make it more special with a heart filled with gratitude 


©charu gupta and potpourri of life.